विशेष प्रार्थना सभा -"महात्मा गाँधी जयन्ती एवं श्री लाल बहादुर शास्त्री जयन्ती"
विषय: 'गाँधी हमारे आज में”
विद्यालय में 1 अक्टूबर 2026 को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर एक विशेष प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया। सभा का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को गांधी जी के जीवन, उनके विचारों तथा सत्य, अहिंसा, स्वच्छता, सादगी, करुणा और जिम्मेदारी जैसे मूल्यों से परिचित कराना तथा इन मूल्यों को दैनिक जीवन में अपनाने के लिए प्रेरित करना था। विद्यार्थियों ने गांधी जी के जीवन और उनके योगदान से संबंधित संक्षिप्त तथ्यों के माध्यम से उनके व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला। सभा का विशेष आकर्षण“अगर गांधी जी आज हमारे बीच होते तो”प्रस्तुति रही।
विद्यार्थियों ने अलग-अलग परिस्थितियों के माध्यम से बताया कि आज के समय में गांधी जी के विचारों को किस प्रकार अपने व्यवहार में अपनाया जा सकता है। विद्यार्थियों ने सत्य बोलने, क्रोध पर नियंत्रण रखने, दूसरों की सहायता करने, असहमति का सम्मान करने, स्वच्छता बनाए रखने तथा अपनी गलतियों से सीखने जैसे संदेश प्रस्तुत किए। इसके बाद“गांधी के मंत्र” के माध्यम से विद्यार्थियों ने सत्य, अहिंसा, करुणा, साहस, सादगी, स्वच्छता और जिम्मेदारी को गांधी जी के जीवन-मूल्यों के रूप में प्रस्तुत किया। विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत इन विचारों ने सभा को प्रेरणादायक एवं विचारोत्तेजक बनाया।
कार्यक्रम में गांधी जी के प्रिय भजन“वैष्णवजन तो तेने कहिये जे पीर पराई जाने रे”की प्रस्तुति की गई। इसके पश्चात विद्यार्थियों ने एक संकल्प लिया कि अपने विद्यालय और आसपास के वातावरण को स्वच्छ रखने में योगदान देंगे। सभा का समापन“बदलाव की शुरुआत मुझसे”के प्रेरणादायक संदेश के साथ हुआ। इसके अतिरिक्त छात्रों ने कविता वाचन द्वारा श्री लाल बहादुर शास्त्री जी के जीवन पर भी प्रकाश डालते हुए उनके आदर्शों एवं जीवन मूल्यों को विद्यार्थियों के साथ साझा किया।
कार्यक्रम ने विद्यार्थियों को यह समझने का अवसर दिया कि गांधी जी व शास्त्री जी के विचार केवल इतिहास का हिस्सा नहीं हैं, बल्कि उन्हें अपने दैनिक जीवन के छोटे-छोटे कार्यों और व्यवहार में अपनाया जा सकता है। सम्पूर्ण सभा ने विद्यार्थियों में देशभक्ति, नैतिक मूल्यों, सामाजिक जिम्मेदारी और सकारात्मक व्यवहार की भावना को सुदृढ़ किया और गांधी जी एवं लाल बहादुर शास्त्री जी के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने की प्रेरणा दी।
धन्यवाद
आभार
दीपा पांडे एवं अर्चना श्रीवास्तव